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भारतीय महिला क्रिकेट टीम विश्व कप के फाइनल में

written by Atul Mahajan July 22, 2017

इंग्लैंड में वर्तमान में आयोजित आईसीसी महिला क्रिकेट विश्वकप 2017 में भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन अब तक काफी शानदार रहा है। भारत ने अपने लाजवाब क्रिकेट की बदौलत विपक्षी टीमों को सस्ते में पराजित किया है, वहीँ मिताली राज वाली महिला क्रिकेट टीम को कुछ मैचों में हार का स्वाद भी चखना पड़ा है, लेकिन 23 जुलाई को भारतीय टीम के सामने टूर्नामेंट की सबसे बड़ी चुनौती होगी, जहां वे फाइनल मुकाबले में मजबूत इंग्लैंड महिला टीम के खिलाफ मैच खेलने उतरेगी।

टीम इंडिया ने सेमीफइनल में  ऑस्ट्रेलिया को 36 रन से हराकर दूसरी बार विश्वकप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। जहां उसका मुकाबला रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर मेजबान इंग्लैंड से होगा। बारिश से प्रभावित मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने हरमनप्रीत कौर की धुआंधार नाबाद 171 रन की पारी की बदौलत निर्धारित 42 ओवर में 4 विकेट पर 281 रन का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में खेलने उतरी डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 41वें ओवर में 245 रन ही पर ढेर हो गई |

20 जुलाई 17 को हुवे सेमीफइनल मैच में टॉस जीतकर भारत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था। भारत की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही पहले ही ओवर में ओपनिंग बल्लेबाज स्मृति मंधाना (6) रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद मिताली राज ने पूनम राउत के साथ भारत की पारी को संभालने का प्रयास किया और संभलकर खेलते हुए दोनों ने मिलकर 29 रन जोड़ लिए. इस बीच 10वें ओवर में पूनम राउत भी (14) मिताली का साथ छोड़ गईं। 9.2 ओवर में 35 रन पर दो विकेट गंवाने के बाद टीम इंडिया की कमान कप्तान मिताली राज और हरमनप्रीत कौर ने संभाला। दोनों ने अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को 100 रन के पार पहुंचाया लेकिन 36 रन बनाने के बाद कप्तान मिताली बोल्ड हो गईं। इसके बाद टीम का सारा जिम्मा हरमनप्रीत के कंधों पर आ गया। जिसे हरमनप्रीत ने बखूबी निभाया |

इसके बाद डर्बी के मैदान पर अचानक जो हुआ वह किसी करिश्मे से कम नहीं था। हरमनप्रीत ने पहले 64 गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने गियर बदला। हरमनप्रीत ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 90 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इसके बाद 107 गेंद में 150 रन पूरे किए. हरमनप्रीत कौर ने अपनी आतिशी पारी में 20 चौके और सात गगनचुंबी छक्के जड़े। अंत में वह 115 गेंद में 171 रन बनाकर नाबाद रहीं। दीप्ति शर्मा ने उनका बीच में अच्छा साथ दिया। दीप्ति ने 25 रन बनाए | अंत में कृष्णामूर्ति 16 रन बनाकर नाबाद रहीं।

ऑस्ट्रेलिया की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पारी के दूसरे ओवर में ही भारत की शिखा पांडे ने टीम को पहली सफलता दिला दी। मूनी 1 रन बनाकर बोल्ड हो गईं। पांचवें ओवर में भरता की झूलन गोस्वामी ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका दिया। झूलन ने कंगारू कप्तान मेग लेनिंग को खाता खोले बगैर पवेलियन की तरफ रवाना कर दिया। इसके बाद बल्लेबाजी के लिए एलिस पैरी ने बोल्टन के साथ पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन बोल्टन दीप्ति शर्मा की गेंज पर फॉलो थ्रू में कैच दे बैठीं। तीन विकेट गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए पैरी और विलानी ने चौथे विकेट के लिए 105 रन की एक बड़ी साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया की मैच में वापसी करा दी। लेकिन विलानी 75 रन पर गायकवाड़ की गेंद पर मंधाना को बाउंड्री पर कैच दे बैठीं। विलानी के आउट होने के बाद टीम इंडिया की गेंदबाजों ने विकेटों की झड़ी लगा दी। उपकप्तान ब्लैकवेल ने अंत तक संघर्ष करते हुए अर्धशतक जड़ा लेकिन अपनी टीम को फाइनल में नहीं पहुंचा सकीं। ब्लैकवेल ने 56 गेंद में 90 रन की एक शानदार पारी खेली। भारत की ओर से झूलन गोस्वामी ने, शिखा पांडे और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट हासिल किए. वहीं गायकवाड़ और पूनम यादव ने 1-1 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को पवेलियन वापस भेजा।

महिला क्रिकेट विश्व कप के शुरू होने पहले भी होने पहले भी हमने भारतीय महिला क्रिकेट टीम का मनोबल बढ़ाने के लिए एक ब्लॉग प्रकाशित किया था जिसमे हमने कहा था कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम का विजय अभियान अनवरत चलता रहे, जिसे भारतीय लड़कियों ने फ़ाइनल तक पहुंच कर सही भी साबित कर दिया l एक बार पुनः हमारी शुभ कामनाएं भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ है तथा उम्मीद करते हैं कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम विश्व कप लेकर ही भारत आये |

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