Home Information जी.एस.टी. किसको फायदा और किसे नुकसान

जी.एस.टी. किसको फायदा और किसे नुकसान

written by Atul Mahajan June 16, 2017
जीएसटी

देश में बिजनस को आसान बनाने वाले गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के लागू होने की घड़ी नजदीक आ गई है।  कुछ जानकार इसे आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा टैक्स सुधार बता रहे हैं। हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स जैसे करों की जगह सिर्फ एक ही टैक्स लगेगा।  एक देश, एक टैक्स, जी हां ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि जीएसटी से बड़ा बदलाव आने वाला है। जीएसटी कहीं खुशी तो कहीं गम लेकर आएगा। कुछ कंपनियों को जीएसटी का फायदा होगा तो वहीं कुछ कंपनियों की सेहत बिगड़ेगी। कुछ कंपनियों के लिए जीएसटी बड़े फायदे का सौदा होगा, तो कहीं थोड़ी मायूसी देखने को मिल सकती है ।

ये आयटम GST के दायरे में ये नहीं हैं

पेट्रोलियम उत्पाद ,

पंचायत/नगरपालिका/नगर निगम/ जिला परिषद आदि द्वारा लगाया जाने वाला मनोरंजन  और अम्यूजमेंट टैक्स

अल्कोहल/शराब पीने पर टैक्स

स्टैंप ड्यूटी,  तथा कस्टम्स ड्यूटी

बिजली की खपत और बिक्री पर टैक्स

जीएसटी लागू होने से फायदे

संविधान के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकारें अपने हिसाब से वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स लगा सकती हैं।

अगर कोई कंपनी या कारखाना एक राज्य में अपने उत्पाद बनाकर दूसरे राज्य में बेचता है तो उसे कई तरह के टैक्स दोनों राज्यों को चुकाने होते हैं जिससे उत्पाद की कीमत बढ़ जाती है। जीएसटी लागू होने से उत्पादों की कीमत कम होगी।

नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी लागू होने से देश की जीडीपी में एक से पौने दो फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है ।

जीएसटी लागू होने से सबसे बड़ा फायदा आम जनता  को होगा. पूरे देश में किसी भी सामान को खरीदने के लिए एक ही टैक्स चुकाना होगा। यानी पूरे देश में किसी भी सामान की कीमत एक ही रहेगी। जैसे कोई कार अगर आप मुंबई  में खरीदते हैं तो उसकी कीमत अलग होती है, वहीं किसी और राज्य में उसी कार को खरीदने के लिए अलग कीमत चुकानी पड़ती है। इसके लागू होने से कोई भी सामान किसी भी राज्य में एक ही रेट पर मिलेगा।

अगर जीएसटी लागू हो जाता है तो कई बार टैक्स देने से छुटकारा मिल जाएगा। इससे कर की वसूली करते समय कर विभाग के अधिकारियों द्वारा कर में हेराफेरी की संभावना भी कम हो जाएगी। एक ही व्यक्ति या संस्था पर कई बार टैक्स लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सिर्फ इसी टैक्स से सारे टैक्स वसूल कर लिए जाएंगे। इसके अलावा जहां कई राज्यों में राज्यों  का राजस्व बढ़ेगा तो कई जगह कीमतों में कमी भी होगी।

जीएसटी  लागू होने से टैक्स का ढांचा पारदर्शी होगा जिससे काफी हद तक टैक्स विवाद कम होंगे.  जीएसटी  लागू होने के बाद राज्यों को मिलने वाला वैट, मनोरंजन कर, लग्जरी टैक्स, लॉटरी टैक्स, एंट्री टैक्स आदि भी खत्म हो जाएंगे. फिलहाल जो सामान खरीदते समय लोगों को उस पर 30-35 प्रतिशत टैक्स के रूप में चुकाना पड़ता है वो भी घटकर 20-25 प्रतिशत पर आ जाने की संभावना है. इसके अलावा भारत की ग्रोथ रेट में भी एक से डेढ़ फीसदी की बढ़ोतरी होगी.

होगा नुकसान

जीएसटी लागू होने से केंद्र को तो फायदा होगा लेकिन राज्यों को इस बात का डर था कि इससे उन्हें नुकसान होगा क्योंकि इसके बाद वे कई तरह के टैक्स नहीं वसूले पाएंगे जिससे उनकी कमाई कम हो जाएगी. गौरतलब है कि पेट्रोल व डीजल से तो कई राज्यों का आधा बजट चलता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने राज्यों को राहत देते हुए मंजूरी दे दी है कि वे इन वस्तुओं पर शुरुआती सालों में टैक्स लेते रहें. राज्यों का जो भी नुकसान होगा, केंद्र उसकी भरपाई पांच साल तक करेगा.

कितनी बढ़ेगी या घटेगी महंगाई?

प्रस्तावित GST के तहत सामानों (कन्जूयमर प्राइस इंडेक्स में शामिल 70-75 प्रतिशत) पर प्रभावी टैक्स की दर कम होगी। 35 से 40 प्रतिशत तक सामान (ज्यादातर कृषि उत्पाद) टैक्स के दायरे में नहीं आएगे और भविष्य में भी यही स्थिति बरकरार रहने की उम्मीद।सेवा आधारित कंपोनेंट्स में अभी कन्जूयमर प्राइस इंडेक्स बास्केट का हिस्सा 25 से 30 पर्सेंट है। इनमें हाउजिंग, ट्रांसपोर्ट और कम्यूनिकेशन सेक्टर की बड़ी भागीदारी है। सीपीआई बास्केट में आनेवाले 12 पर्सेंट सर्विसेज पर सर्विस टैक्स लागू नहीं हैं और जीएसटी के बाद भी इनके छूट के दायरे में ही रहने की उम्मीद है। कन्जयूमर से जुड़े सवाओं पर टैक्स वृद्धि का सीधा असर होने की आशंका नहीं के बराबर है।

इसका  सीधा सा मतलब, जीएसटी लागू होने से महंगाई पर कोई खास असर नहीं होगा।

 

 

 

You may also like

Leave a Comment

Loading...