स्वस्थ रहैं मस्त रहैं

सप्ताहांत में घरों, कार्यालयों और पार्टियों में व्यस्त जीवन के कारण हम लोग  बहुत ही गैर जिम्मेदार हो जाते हैं। अस्त व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी लोग पूरा जीवन जीना चाहते हैं। नए फैशन ट्रेंड के साथ, गैजेट, दोस्तों के साथ घूमना, महंगे मेकअप उत्पादों का उपयोग करना, देखने और पहनने के लिए समय बर्बाद करना। इन सब में जब आप वास्तव में लापरवाह हो जाते हैं तो क्या होता है। हमारे अपने स्वास्थ्य, शरीर और मन के लिए भी कुछ  करना बेहतर है।

अनेको डॉक्टर भी खुद को स्वस्थ  बनाने का सुझाव देते हैं। स्वस्थ जीवन के लिए कई  सुझाव है –

हो सके तो हर दिन दौड़ना शुरू करें और सुबह की धूप में अपने फेफड़ों को ताज़ा साँसें पंहुचाएं । अपने शरीर के लिए पहला ये पहला कदम होगा 

डॉक्टर या मनोवैज्ञानिक मरीजों को कम वर्कलोड लेने के लिए कहते हैं। अपने दैनिक कार्य निपटने के लिए एक  सूची तैयार करें। दिन के अंत में, अगले 24 घंटों के लिए एक और सूची बनाएं। थोड़ा तनाव अब दूर हो गया है। खुद को पहले से ज्यादा खुश महसूस करें।

शरीर को स्वस्थ रखने के  लिए, गर्म खाद्य पदार्थ खाना शुरू करें जो घर पर ताजा पकाया जाता है, कच्ची सब्जियां और फल, ताजा रस पीना चाहिए ।। शराब और धूम्रपान का उपयोग बंद करें। 

ध्यान और योग के साथ जाएं:

हर दिन 1 घंटे के लिए गहरी सांस लें और छोड़ें। यह हमारी इंद्रियों, अवरुद्ध फेफड़ों को खोलता है और एक भावनात्मक बढ़ावा है। योग शारीरिक फिटनेस के लिए भी है।

प्रसिद्ध कहावत, जल्दी सोना, जल्दी उठना, पुरुषों को स्वस्थ, समृद्ध और बुद्धिमान बनाना। इसे 8 घंटे से ज्यादा न करें। 

यह सच है। कुछ लोग शरीर की सफाई का ध्यान नहीं रखते । शरीर की सफाई करने से  हर रोज पानी की बूंदें शरीर की गंध को खत्म करती हैं और सभी प्रकार की त्वचा की एलर्जी को खत्म करती हैं। धुले हुए कपड़े ही पहनना चाहिए । पूरे दिन पहनने के कारण, हमारी पोशाक हमारी त्वचा और धूल से संपर्क करती है, जिससे बैक्टीरिया इसमें बुरी तरह से पनपते है । जो आपको नुकसान पहुंचा  सकते है  । वर्तमान में जो covid-१९  बीमारी चल रही है उसमे सरकारी नियमो का पालन अवश्य करें   ।    एक चुटकी कच्चा चावल मुँह में रखकर पानी से निगल लें। इससे लीवर मजबूत होता है और पित्त की शिकायत नहीं रहती। जिन्होंने उपयोग किया, उन्हें बड़ा लाभ हुआ।

सुबह  में ताँबे के बर्तन में रखा पानी पीजिए। ठण्डा पानी आधा सेर से एक सेर तक पीना चाहिए।

रात में एक तोला त्रिफला एक पाव ठंडे पानी में भिगो सुबह छानकर उससे आँख धोएँ और बचे हुए जल को पी जाएँ।

नमक में  सरसों का तेल मिलाकर दाँत और मसूढ़ों को रगड़कर साफ कीजिए। इससे दाँत मजबूत होते हैं, यहाँ तक कि पायरिया की बीमारी भी ठीक होती है।

प्राणायाम 5 से 10 या 15 से 20 मिनट तक अपनी शक्ति के अनुसार अवश्य करें। प्राणायाम के बाद क्षमता के अनुसार व्यायाम करें। जो ‍जिम न जा सके वह घर पर ही योगा और एक्सरसाइज करें।

हरी साग-सब्जी और मौसमी फलों का उपयोग करें।

भोजन खूब चबा-चबाकर खाएँ। दाँतों का काम आँतों से नहीं लें।

भोजन के अंत में पानी नहीं पीना चाहिए, भोजन करने के एक घंटे बाद पानी पीएँ।

भोजन के अन्त में छाछ पीना फायदेमंद होता है।

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