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दुनिया का सबसे छोटा देश

written by Atul Mahajan June 18, 2017

World Small Country

लीजिये आज हम आपको ले चलते हैं दुनिया का सबसे छोटा देश कहे जाने वाले वैटिकन सिटी

वेटिकन शहर  यूरोप महाद्वीप में स्थित एक देश है।वेटिकन सिटी  रोम नगर में, टाइबर नदी के किनारे, वेटिकन पहाड़ी पर स्थित है तथा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कारणों से प्रसिद्ध है। यहां के प्रासादों का निर्माण तथा इनकी सजावटी विश्वश्रुत कलाकारों द्वारा की गई है। पृथ्वी पर सबसे छोटा, स्वतंत्र राज्य है, जिसका क्षेत्रफल केवल ४४ हेक्टेयर (१०८.७ एकड़) है।इस प्रकार यह आपके गांव या मोहल्ले के आकर का राज्य  है ।  यह इटली के शहर रोम के अन्दर स्थित है। इसकी राज-भाषा है लातीनी। ईसाई धर्म के प्रमुख साम्प्रदाय रोमन कैथोलिक चर्च का यही केन्द्र है और इस संप्रदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप का यही निवास है। यह नगर, एक प्रकार से, रोम नगर का एक छोटा सा भाग है।

सन् १९२९  में एक संधि के अनुसार इसे स्वतंत्र राज्य स्वीकार किया गया। इस राज्य के अधिकारी, ४५  करोड़ ६० लाख रोमन कैथोलिक धर्मावलंबियों से पूजित, पोप हैं। राज्य के राजनयिक संबंध संसार के लगभग सब देशों से हैं। सन् १९३०  में पोप की मुद्रा पुन: जारी की गई और सन्  १९३२  में इसके रेलवे स्टेशन का निर्माण हुआ। यहाँ की मुद्रा इटली में भी चलती है।

सन् 1870 ई. में इटली ने पेपल स्टेट्स को अपने अधिकार मे ले लिया, इससे इटली और चर्च में तनाव पैदा हुआ, क्योंकि रोमन कैथालिक चर्च अपने परमाध्यक्ष को ईसा का प्रतिनिधि जानकर यह आवश्यक समझता है कि वह किसी राज्य के अधीन न रहे। सन् 1929 ई. में इटली ने रोमन कैथोलिक चर्च के साथ समझौता करके उसे संत पीटर के महामंदिर के आसपास लगभग 109 एकड़ की जमीन दे दी और उस क्षेत्र को पूर्ण रूप से स्वतंत्र मान लिया। इस प्रकार ‘चिट्टाडेल वाटिकानो’ (Citta Del Vaticano) अर्थात् वैटिकन नगर नामक एक नया स्वायत्त राज्य उत्पन्न हुआ। उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है और उसके अपने सिक्के, अपना डाक विभाग, रेडियो आदि हैं। उसके नागरिकों की संख्या लगभग 700 है।

कहा जाता है की  प्राचीन समय में वेटिकन सिटी भगवान शिव को समर्पित एक शहर था । शायद हम इस संबंध में यकीनन कुछ नही कह सकते… पर हाल ही में ख्यात  इतिहास-कार पी एन ओक ने यह दावा किया गया है की वेटिकन सिटी किसी जमाने  में भगवान शिव का मंदिर हुआ करता था ।

ख्यात इतिहासकार पीएन ओक के अनुसार वेटिकन शब्द को संस्कृत के वाटिका शब्द अर्थात वैदिक संस्कृति केंद्र में से लिया गया है. इतिहासकार पी एन ओक के अनुसार शुरुआत में इसाई धर्म भी एक वैदिक धर्म था. जो कृष्ण की नीति पर आधारित था इसका नाम भी कृष्ण नीति था जिसके बाद इसे इंग्लिश के क्रिश्चियनिटी में ढाला गया.. और अब्राहम को ब्रह्मा से ही लिया गया है. श्री  पी एन ओक का कहना है कि इसाई धर्म का जन्म हिंदू धर्म की वैदिक मान्यताओं से ही हुआ है शिवलिंग और क्रिश्चियनिटी की समानता देख कर आप हैरान रह जाएंगे वेटिकन सिटी की संरचना और शिवलिंग की आकृति बिल्कुल समान है  i इन सब समानताओं को आप एक सही नज़रिए से भी देख सकते हैं यह समानता है हमें बताती है कि हमारे सभी धर्मों का स्रोत एक ही है और इसलिए हमें धर्म के नाम पर लड़ना नहीं चाहिए क्योंकि अंत में भगवान तो एक ही हैं  l  यंहा हम वेटिकन सिटी की चर्चा कर रहे हैं । वेटिकन सिटी की सार्वजनिक सरकार का प्रमुख, वेटिकन सिटी के लिए नियुक्त धर्माध्यक्ष आयोग का कार्डिनल अध्यक्ष होता है जोकि राज्य का विधायक होता है। राज्य को संवैधानिक कानून 2000 के अंतर्गत चलाया जाता है। कानून व्यवस्था धर्मविधान पर आधारित है और न्यायालय चर्च का हिस्सा हैं। वैटिकन सभी रोमन कैथोलिक चर्चों का सर्वोच्च स्थान है। पोप चर्च को कार्डिनल्स के कालेज के माध्यम से नियंत्रित करता है। वह हर प्रकार का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होता है लेकिन वह सभी मामलों में कार्डिनल्स पर भरोसा करता है और उनसे सलाह लेता है। पोप के बाडिगार्ड स्विस गार्डस की सैन्य टुकड़ी है जिसकी स्थापना 16वीं शताब्दी में की गई थी। इसके सदस्य माइकल एंजलो द्वारा डिजाइन की गई पोशाक पहनते हैं।

वैटिकन सिटी का संग्रहालय 14.5 किलोमीटर लंबा है। ऐसा कहा जाता है कि यदि आप एक पेंटिंग को देखने में एक मिनट लगाते हैं तो पूरा संग्रहालय देखने में चार साल लग जाएंगे।

१९  अप्रैल १९८५  जर्मन के कार्डिनल जोसफ रैटजिंगर पोप के रूप में चुने गए और उनका नाम पोप बैनाडिक्ट  १६ वां रखा गया। वह अपने जीवन काल में पोप जॉन पाल द्वितीय के नजदीकी रहे। वर्तमान में वही पोप हैं और विश्व के अरबों कैथोलिक चर्च के विशवासियों के धर्म गुरु व वैटिकन सिटी के बेताज बादशाह। वैटिकन सिटी विश्व का सबसे छोटा देश होने के साथ-साथ समृद्धि के चर्म को छूने वाला देश है। इसमें स्थित संग्रहालय, चर्च व अन्य स्थान दर्शनीय होने के साथ-साथ अपने आप में सदियों का इतिहास समेटे हुए हैं।  

 

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