रानी पदमावती

सिंहल द्वीप के राजा गंधर्व सेन और रानी चंपावती की बेटी पद्मावती चित्तौड़ के राजा रतनसिंह के साथ ब्याही गई थी इसिलए चित्तोड़ की रानी हुई थी l रानी पदमावती, रानी पदमिनी के नाम  से भी जानी जाती हैं  

रानी पदमावती, चित्तौड़ की रानी थी। रानी पदमावतीके साहस और बलिदान की गौरवगाथा युगो से  इतिहास में अमर है और अमर रहेगी ।  रानी पदमावतीबहुत खूबसूरत थी और उनकी खूबसूरती पर एक दिन दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी की बुरी नजर पड़ गई।यंहा पीठ में छुरा भांपने वाली कहावत चरितार्थ है । रानी पदमावती को पाने के लालसा में सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी राजा रावल रतन सिंह के राज्य में मेहमान के तौर पर गए। वहां उसने दिव्य सुंदरी रानी पदमावती को देखने का निवेदन किया पर रानी ने इसको पूरी तरीके से नकार दिया क्योंकि उनकी संप्रदाय का आधार पर पति को छोड़ कर किसी भी अन्य पुरुष को मुहँ दिखाना नियम के विरुद्ध था।

तब राजा रावल रतन सिंह ने रानी पद्मावती से निवेदन किया और समझाया की दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के शक्ति और पराक्रम के विषय में बताया और समझाया की उनकी बात को मना करना सही नहीं होगा।

बहुत समझाने के बाद रानी मान तो गयी पर उनकी एक शर्त थी की उनके चहरे को सुल्तान आईने में देखेंगे ना की सीधे और वो भी 100 दसियों और राजा रावल रतन सिंह के सामने। अल्लुद्दीन खिलजी उनकी बात मान जाते हैं।

अलाउद्दीन किसी भी कीमत पर रानी पदमावती को हासिल करना चाहता था, इसलिए उसने चित्तौड़ पर हमला कर दिया। रानी पदमावती ने आग में कूदकर जान दे दी,  ( जौहर किया ) लेकिन अपनी और अपने कुल की आन-बान पर आँच नहीं आने दी। ईस्वी सन् १३०३ में चित्तौड़ को  लूटने वाला अलाउद्दीन खिलजी था जो राजसी सुंदरी रानी पदमावती को पाने के लिए लालयित था। मुख्या कारण यह है कि उसने दर्पण में रानी का प्रतिबिंब देखा था और उसके सम्मोहित करने वाले सौंदर्य को देखकर अभिभूत हो गया था। लेकिन कुलीन रानी ने लज्जा को बचाने के लिए जौहर करना बेहतर समझा।

ये था रानी पदमावती का इतिहास । अब हम आते है संजय लीला बंसाली दवारा निर्मित फिल्म  ” पदमावती ”  की कहानी पर ।  अक्टूबर २०१६ में यह घोषित हुआ कि भंसाली, वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स के साथ मिलकर फ़िल्म का निर्माण करेंगे जिसमें शाहिद कपूर, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण मुख्य भूमिका निभाएंगे।

इस फ़िल्म में चित्तौड़ की प्रसिद्द राजपूत रानी पदमावती का वर्णन किया गया है जो रावल रतन सिंह की पत्नी थीं। यह फ़िल्म दिल्ली सल्तनत के तुर्की शासक अलाउद्दीन खिलजी का १३०३ ई. में चित्तौड़गढ़ के दुर्ग पर आक्रमण को भी दर्शाती है। पद्मावत के अनुसार, चित्तौड़ पर अलाउद्दीन के आक्रमण का कारण रानी के अनुपन सौन्दर्य के प्रति उसका आकर्षण था। अन्ततः 28 जनवरी 1303 ई. को सुल्तान चित्तौड़ के क़िले पर अधिकार करने में सफल हुआ। राणा रतन सिंह युद्ध में शहीद हुये और उनकी पत्नी रानी पदमावती ने अन्य विरंगानाओं के साथ आत्म-सम्मान और गौरव को मृत्यु से ऊपर रखते हुए जौहर कर लिया।

फिल्म पदमावती की शूटिंग के लिए राजस्थान के राजा-रजवाड़ों के महल को चुना गया है। हाल ही में दीपिका पादुकोण ने ‘घूमर’ सॉन्ग की शूटिंग पूरी की। इस गाने के लिए सेट पर काफी पैसा खर्च किया गया है। साथ ही दीपिका इसमें 400 दीयों के बीच नाचते नजर आएँगी।दीपिका ने इस गाने के लिए करीब डेढ़ महीन तक प्रैक्टिस की है। ये पदमावती का पहला गाना है और इसमें संजय लीला भंसाली कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। इस  फिल्म में शाहिद कपूर राजा रत्न सिंह का किरदार निभा रहे हैं। वहीं रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी के रोल में हैं।

आरम्भ में फिल्म की कहानी से उपजे विवाद के कारण , शायद अब  फिल्म को किसी  भी  प्रकार के प्रमोशन की जरुरत नहीं होगी , वैसे ही फिल्म का बहुत प्र्चार हो गया

वर्तमान में  घोषित तारीख को माने तो यह फिल्म  १७ नवंबर  २०१७ को रिलीज हो जाएगी l देखना ये है की २०० करोड़ के बजट से बनने वाली यह फिल्म बॉक्स ऑफिस  पर क्या रिकार्ड बनातीं है । बहरहाल हमारी शुभ कामनाऍ  है की ये फिल्म बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के सारे रिकार्ड तोड़कर एक सफल फिल्म की सूची में दर्ज  हो   l

 

अतुल महाजन

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