पासपोर्ट के नियमों में हो सकता है बदलाव

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट(Passport) बनवाने की प्रक्रिया को आसान करने के लिए शुक्रवार को कई नए नियम जारी किए हैं। अब साधु-संन्यासी, विवाह के बाहर पैदा हुए बच्चे और सिंगल पेरेंट्स के बच्चों, अनाथ बच्चों का पासपोर्ट भी आसानी से बन सकेगा। साथ ही माता-पिता दोनों का नाम पासपोर्ट आवेदन के लिए देना अनिवार्य नहीं होगा।

अब आपका पासपोर्ट ऐड्रेस प्रूफ के काम नहीं आ सकेगा। जल्द ही पासपोर्ट(Passport) के नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। पासपोर्ट का कलर भी चेंज किया जाएगा। यंहा आप जानेगे की पासपोर्ट में कौन-से नए बदलाव हो सकते हैं।

विदेश मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के बाद यह निर्णय लिया गया है। विदेश मंत्रालय के स्टेटमेंट के मुताबिक, समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया है। नए वर्जन में पासपोर्ट का लास्ट पेज खाली रखा जाएगा। इसी पेज में एड्रेस सहित लीगल गार्डियन का नाम, मां, पत्नी, पति का नाम और पुराने पासपोर्ट का नंबर आदि जानकारी दी गयी होती है। यह पेज अब नए पासपोर्ट के साथ नहीं होगा। इसी कारण एड्रेस प्रूफ के तौर पर अब पासपोर्ट काम में नहीं आ सकेगा।

पिछले साल अगस्त में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम प्रोजेक्ट (CCTNS) को पासपोर्ट सर्विस के साथ लिंक कर दिया गया था। बहुत जल्द ही यह सिस्टम फिजिकल पुलिस वेरिफिकेशन को खत्म कर देगा। इस सिस्टम के लागू होते ही वेरिफिकेशन भी ऑनलाइन ही हो जाएगा। इससे पासपोर्ट बनने में लगने वाला टाइम और भी ज़्यादा कम हो जाएगा।

पासपोर्ट (Passport) में अब माता – पिता का नाम और पते वाला पेज नहीं होगा, आख़िरी पेज को अब खाली रखा जायेगा ।

जो लोग ECR कैटेगरी में आएंगे उन्हें अब ब्लू की जगह ऑरेंज कलर का पासपोर्ट मिलेगा ।

जो लोग नॉन  ECR कैटेगरी में आएंगे उन्हें पहले की तरह ब्लू  कलर का पासपोर्ट मिलेगा ।

वर्तमान में शासकीय अधिकारीयों को सफ़ेद रंग का तथा डिप्लोमैट्स को लाल रंग का तथा अन्य को ब्लू रंग का पासपोर्ट दिया जाता है ।

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