किंगडम ऑफ दीक्षित का सच

इंदौर शहर के सुयश दीक्षित ने सूडान और मिस्त्र के बीच 800 वर्ग मील के क्षेत्र पर अपना झंडा लगाकर उसे ‘किंगडम ऑफ दीक्षित (kingdom of dixit) घोषित किया हुवा है। उन्होंने खुद को इस गैर दावाग्रस्त इलाके का राजा बताते हुए संयुक्त राष्ट्र से उनके नए देश को मान्यता देने की बात कही है। इतना ही नहीं सुयश ने एक वेबसाइट बनाकर लोगों से इस देश की नागरिकता के लेने का आवदेन करने को भी कहा है।

कुछ दिन से सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही थी। जिसमें भारत के यानी इंदौर के एक लड़के ने अपना देश बनाया था। उसने अपने पापा को पीएम और खुद को राजा बना दिया था। सोशल मीडिया पर खबर वायरल हुई तो हर जगह इसकी चर्चा होने लगी। सभी सोच में पड़ गए कि आखिर कोई कैसे अपना देश बना सकता है।

लेकिन यंहा आपको बता दें, देश बनाना इतना आसान नहीं है। सुयश के हिसाब से तो वह जमीन उसकी है लेकिन दुनिया के हिसाब से नहीं। जहां सुयश ने किंगडम ऑफ दीक्षित (kingdom of dixit) बताया है उस जगह का नाम बिर ताविल है।

क्या है और कँहा  है बिर तविल ?

मिडिया के अनुसार ये जमीन सुडान और इजिप्ट के बीच में पड़ती है जहां न सुडान का रूल है और न ही इजिप्ट का। यहाँ किसी भी सरकार का कोई लॉ फॉलो नहीं होता है और अभी तक यहाँ कोई रहता भी नहीं। द गार्जियन की रिपोर्ट की मानें तो सुडान के मैप में ये जगह इजिप्ट के हिस्से में आती है। लेकिन दोनों ही देश इसे अपना मानने से इंकार करते हैं।

मीडिया की अगर मानें तो इजिप्ट के मैप में भी ये जगह उनकी नहीं है। लेकिन फिर भी ये जगह इजिप्ट सरकार के अंतरगत आती है। सुयश के फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि इजिप्ट आर्मी से परमीशन लेकर यहाँ जाना पड़ता है और वहाँ जो वह नियम बताएंगे उनको फॉलो करना पड़ेगा।

सुयश के अनुसार तो वह यहाँ का राजा है लेकिन असल में वह है नहीं। अगर वह जगह किसी की नहीं है तो वह खुद का देश घोषित ही नहीं कर सकता। सुयश दीक्षित ने कहा है कि वह UN से देश बनाने के लिए बात करेगा। वॉशिंगटन पोस्ट को दिए इंटरव्यू में यूएन ऑफिशियल ने बताया था कि नए देश की मान्यता लेने के लिए पड़ोसी देशों को हामी भरना ज़रूरी है। बिना उनके नया देश नहीं बन सकता।

सुयश पिछले दिनों अपनी कंपनी के ऑफिशियल ट्रिप पर इजिप्ट गए थे। उन्होंने बीर तवील के नो मैन्स लैंड के बारे में पहले से जानकारी जुटा रखी थी।

इजिप्ट से एक कार लेकर सुयश बीर तवील के लिए निकले 319 किमी की ड्राइविंग के बाद 5 नवंबर को वह इस इलाके में दाखिल हुए | आगे रेगिस्तानी इलाका था और वहाँ जाने के लिए कोई सड़क भी नहीं थी। फिर सुयश ने कुछ पौधे के बीज बोए | अपनी कार से पानी निकालकर पौधे को सींचा और फिर पूरे इलाके को अपना देश घोषित कर दिया।

इस बात का जिक्र उन्होंने सात नवंबर को अपने फेसबुक (Facebook)पर भी किया है। हम में से किसी को भी नहीं पता है, की भविष्य के गर्भ में क्या छुपा हुवा है, इसीलिए सिर्फ इतना ही कह सकते हैं की आगे-आगे देखिये होता है क्या।

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