Home Entertainment आपात-काल का कड़वा सच “ इंदु सरकार “

आपात-काल का कड़वा सच “ इंदु सरकार “

written by Atul Mahajan June 23, 2017

फिल्म के  ट्रेलर की शुरुआत, ‘अब इस देश में गांधी के मायने बदल चुके हैं‘ डायलॉग के साथ होती है और इसके बाद आपात काल दिखाया गया है।निर्माता निर्देशक मधुर भंडरकार की अगली फ़िल्म इंदु सरकार 28 जुलाई को होगी रिलीज इस फिल्म की कहानी 1975 से 1977 के बीच के उन 21 महीनों की है जब इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगा दी थी |  फिल्म में कीर्ति कुल्हारी और नील नितिन मुकेश ने लीड रोल किया है।  फिल्म के पोस्टर में कीर्ति कुल्हारी को दिखाया गया है, जो काफी इंटेंस लुक देती नजर आई हैं। फिल्म में बप्पी बप्पी लाहिरी और अनु मलिक ने पहली बार साथ मिलकर म्यूजिक दिया है।  कीर्ति कुल्हारी एक दमदार किरदार में नजर आ रही हैं। इस फिल्म में कीर्ति हकलाती हुई दिखाई गई हैं।

इंदु सरकार’ एक ऐसी महिला की कहानी है जो इमरजेंसी के दौरान सत्ता के खिलाफ अकेली  खड़ी होती है। इस महिला का किरदार फिल्म में  कीर्ति कुल्हारी ने निभाया है। संजय गांधी के रोल में नील नितिन मुकेश की एक्टिंग भी काफी शानदार लग रही है। फिल्म में नील नितिन मुकेश को हू-ब-हू संजय गांधी का लुक दिया गया है, यहां तक कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो रहा है। कीर्ति आखिरी बार फिल्म पिंक में नजर आई थीं और इस फिल्म में उनके रोल की काफी तारीफ की गई थी। ‘इंदु सरकार’ के ट्रेलर को देखकर भी आप कीर्ति की एक्टिंग तथा लुक की तारीफ किए बिना रह नहीं पाएंगे।

 फिल्म में सुप्रिया विनोद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रोल में नजर आएंगी। अनुपम खेर की भी फिल्म में जोरदार एक्टिंग देखने को मिलेगी। एक बार फिर बता दें कि यह फिल्म 1975 से 1977 के बीच के उन 21 महीनों की कहानी है जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने देश में इमरजेंसी की घोषणा कर दी थी। इस फिल्म में बप्पी लहरी और अनु मलिक पहली बार साथ मिलकर म्यूजिक दे रहे हैं।

सन 1975 में लगे राजनीतिक आपात काल के दिनों को इस फिल्म में बखूबी रिक्रिएट किया गया है।

भरत शाह फिल्म के प्रस्तुतकर्ता हैं। फिल्म में पुराने दौर की कव्वाली चढ़ता सूरज धीरे धीरे ढलता है ढल जायेगा  … को भी नए अंदाज में पेश किया गया है। फिल्म में तोता रॉय चौधरी और अनुपम खेर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

फिल्म ‘इंदु सरकार’ पर हो रहे बवाल पर डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने कहा था  कि इससे बड़ा मजाक नहीं हो सकता कि इस तरह की बात हो रही है कि मैंने पैसे लेकर फिल्म बनाई है. मैं कल का फिल्ममेकर नहीं कि अचानक फिल्म बना रहा हूं. मैं रियल ईशु पर फिल्म बनाता हूं. राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार मधुर भंडारकर का मानना है कि युवा पीढ़ी को 1970 के दशक में 21 महीनों तक चले उथल-पुथल भरे माहौल के बारे में जानकारी होनी चाहिए। भंडारकर ने मीडिया से कहा,  की “आपातकाल एक ऐसा विषय है, जिसके बारे में आज की पीढ़ी नहीं जानती है और उन्हें इस बारे में पता होना चाहिए। आज की पीढ़ी को पता होना चाहिए कि वास्तव में उस समय क्या हुआ था, किस तरह से चीजों को दबा दिया गया और नागरिक अधिकारों का हनन किया गया। इस कहानी को आज की पीढ़ी को बताना चाहिए।”

यह सच है की आपातकाल  किसी राजनिक दल विशेष के इतिहास का कला पन्ना साबित हुवा l  लेकिन हम यंहा पर आपातकाल पर बनी  इस  इंदु सरकार फिल्म की बात कर रहे है  l  देखना है की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर क्या धूम मचातीं है l

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