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जग को हँसाने वाला रुला के चला गया

written by Atul Mahajan July 13, 2018

चर्चित टी.व्ही. सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) में डॉ. हंसराज हाथी (Dr. Hansraj hathi) का रोल निभाने वाले कवि कुमार आजाद का 9 जुलाई को हार्ट अटैक से निधन हो गया था, वे लगभग 46 साल के थे। वे तकरीबन 9 साल से इस सीरियल में काम कर रहे थे। उक्त सीरियल में हमेशा वे खाने की बातें करते सुनाई देते थे। रियल लाइफ में भी उन्हें खाने और खिलाने का शौक था। मुंबई में उनकी रोल्स की शॉप हैं।

टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) के डॉ. हाथी (Dr. Hansraj hathi) यानी कवि कुमार आजाद (Kavi Kumar Azad) के निधन से इस शो के फैन्स में शौक की लहर-सी दौड़ गई है। ना सिर्फ़ फैन्स बल्कि पूरी टीवी इंडस्ट्री इस खबर से सकते में हैं। कवि कुमार आजाद की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई । टी.व्ही. सीरियल में डॉ. हंसराज हाथी (Dr. Hansraj hathi) का किरदार निभाने वाले कवि कुमार आजाद (Kavi Kumar Azad) मूलरूप से बिहार के सासाराम स्थित गौरक्षणी के रहने वाले थे।

कवि आजाद ने दिल्ली में अभिनय की ट्रेनिंग ली। इसके बाद वह मुंबई पहुंचे जहाँ उन्हें कदम-कदम पर संघर्ष करना पड़ा।कवि आजाद जब घर से निकले तो उनकी जेब में फूटी कौड़ी नहीं थी उनके घर की हालत ठीक नहीं थी पिताजी को व्यापार में नुकसान हो गया था ऐसी हालत में घर वाले एक्टिंग में जाने के खिलाफ थे। इस वजह से उन्हें कई रात मुंबई की सड़कों पर गुजारनी पड़ी।।

एक इंटरव्यू के दौरान कवि कुमार (Kavi Kumar Azad) ने बताया था कि कई लोग उनका असली नाम नहीं जानते। लोगों की नजर में उनकी पहचान अब डॉ. हाथी (Dr. Hansraj hathi) के तौर पर है। यह खुशी की बात है कि लोग उनका किरदार याद रखते हैं। वैसे कवि कुमार अपने नाम के मुताबिक ही लिखते भी थे। कविताएं लिखने का शौक भी उन्हें बचपन से ही था।

कवि कुमार ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) का हिस्सा बनने से पहले ‘मेला’ और ‘जोधा अकबर’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुके थे ।  सूत्रों के अनुसार कवि कुमार आज़ाद (Kavi Kumar Azad) ने कुछ वर्षो पूर्व ऑपरेशन करवा कर अपना वजन कम करवाया था। उसके बाद वे खुश भी थे। वे अविवाहित ही थे उन्होंने शादी नहीं की थी ।

शायद नियति को यही मंजूर था, “जग को हंसाने वाले कवि कुमार आज़ाद समय से पूर्व ही अपने चाहने वालो को रुला कर चलाए गए” किन्तु दुनिया को उन्होंने दिखा दिया की विपरीत परिस्थिति में में भी ऊंचाइयों को कैसे छुवा जाता है । परमात्मा उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे । डॉ. हंसराज हाथी (Dr. Hansraj hathi) उर्फ़ कवि कुमार की छवि उनके चाहने वालो के दिल में हमेशा जिंदा रहेगी ।

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