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How does MPL app make money?

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You can join a LIVE tournament and battle or register for an upcoming event.

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May 2, 2019 0 comment
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Ockhi Cyclone

केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में तबाही मचाने के बाद ओखी तूफान (Ockhi Cyclone) अब महाराष्ट्र और गुजरात की तरफ बढ़ रहा है। मंगलवार देर रात तक वह गुजरात के तट से टकरा सकता है। तूफान के असर से दोनों राज्यों के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ जबरदस्त बारिश से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुंबई में मंगलवार को बारिश के साथ ओले भी गिरे।

हाल ही में दक्षिण भारत में भारी तबाही मचाने के बाद साइक्लोन ओखी (Ockhi Cyclone) ने माया नगरी मुंबई में दस्तक दे दी है। मुंबई और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। इस वजह से मंगलवार को मुंबई और उसके आसपास के जिलों के स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई. उधर, ओखी अब दक्षिण गुजरात के सूरत की तरफ बढ़ रहा है। इसकी रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा रहने के आसार हैं। यह मंगलवार देर रात या बुधवार अल सुबह तक गुजरात पहुंच सकता है।

मुंबई और उसके आसपास क्या असर दिखा ओखी तूफान (Ockhi Cyclone) का

मुंबई महानगर पालिका की इमरजेंसी टीम ने लोगों से अपील की है कि वे चार से सात दिसंबर के बीच समुद्र तटों से दूर रहें। इस दौरान कभी भी समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ सकती हैं। मुंबई के अलावा सिंधुदुर्ग, ठाणे, रायगढ़ और पालघर में भी साइक्लोन का असर दिखा।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में बीजेपी कार्यकर्ताओं से राज्यभर में तूफान से प्रभावित लोगों की मदद की अपील की है। मौसम विभाग के मुताबिक गुजरात में अगले 4 दिनों तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। विभाग के मुताबिक, ‘वलसाड, सूरत, नवसारी, भरूच, दांग, तापी, अमरेली, गिर-सोमनाथ और भावनगर जिलों में भारी बारिश हो सकती है।’ गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने हालात से निपटने की तैयारी के तहत सूबे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की है। मुंबई से 283 किलोमीटर दूर गुजरात के सूरत में रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है। कोस्ट गार्ड अधिकारियों के अनुसार, ओखी चक्रवात सूरत की ओर 85 किलोमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है।

ओखी तूफान (Ockhi Cyclone) धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और उसकी तीव्रता को ‘बहुत खतरनाक’ से ‘खतरनाक’ श्रेणी का कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को बताया कि तूफान से प्रभावित मछुआरों समेत 1540 लोगों को तमाम एजेंसियों द्वारा बचाया गया है। राहत और बचाव अभियान में नौसेना के जहाज, हेलिकॉप्टर, कोस्ट गार्ड के जहाज और एयर फोर्स के हवाई जहाजों को लगाया गया है।

ओखी धीरे-धीरे कमजोर तो हो रहा है लेकिन पूर्व तट पर बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान के बनने की आशंका से खतरा और बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पूर्व में एक कम दबाव वाला क्षेत्र बन रहा है जो तूफान का रूप लेकर बुधवार को तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की तरफ बढ़ सकता है।

मुंबई महानगर पालिका की इमरजेंसी टीम ने लोगों से अपील की है कि वे चार से सात दिसम्बर के बीच समुद्र तटों से दूर रहें। इस दौरान कभी भी समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ सकती हैं। मुंबई के अलावा सिंधुदुर्ग, ठाणे, रायगढ़ और पालघर में भी साइक्लोन का असर दिखा। दक्षिण गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के समुद्र तटीय इलाकों में 4 दिसम्बर की रात से लेकर 6 दिसम्बर की सुबह तक 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चलेंगी। सूरत में मंगलवार से बुधवार की सुबह खतरे की आशंका ज़्यादा है। वलसाड, सूरत, नवसारी, अमरेली, भावनगर और गिर सोमनाथ जैसे तटवर्ती जिलों में भारी बारिश की वॉर्निंग दी गई है। ओखी का असर करीब 30 घंटे तक रहेगा। जमीनी हवा की रफ्तार अभी 25 से 35 किमी प्रति घंटा है। 6 दिसम्बर को हवा की रफ्तार और कम हो जाएगी।

December 6, 2017 0 comment
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Elizabeth Báthory

आज हम एक ऐसी महिला सीरियल किलर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने खून करने के मामले में किसी समय में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना रखा था। हंगरी की महिला सीरियल किलर Elizabeth Báthory  का नाम मर्डर करने के मामले में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। Elizabeth Báthory का जन्म हंगरी साम्राज्य के बाथरी परिवार में हुआ था। उसकी शादी फेरेंक नैडेस्‍डी नाम के शख्‍स से हुई थी और वह तुर्कों के खिलाफ युद्ध में हंगरी का राष्‍ट्रीय हीरो था।  Elizabeth Báthory को इतिहास की सबसे खतरनाक और वहशी महिला सीरियल किलर के तौर पर जाना जाता है।

जिसने 1585 से 1610 के दौरान अपनी जवानी को बरकरार रखने के लिए अपने महल में 600 से ज़्यादा लड़कियों की हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं लड़कियों की हत्या करने से पहले उनपर बहुत अत्याचार किया जाता था। इसके बारे में कहा जाता है कि कई बार वह लड़कियों के चेहरे या शरीर के दूसरे अंगों का मांस दांतों से काटकर निकाल लेती थी। अंत में उनकी हत्या कर उनका खून एक टब में इकठ्ठा कर लिया जाता जिसमे Elizabeth Báthory स्नान करती।

शुरू में तो एलिजाबेथ बाथरी गरीब परिवार की लड़कियों को ही अपना शिकार बनाती थी लेकिन जब इलाके में लड़कियों की तादाद कम हो गई तो उसने ऊंचे परिवार की लड़कियों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया। कभी कभार Elizabeth Báthory के चंगुल से कुछ लड़कियां निकल कर भागने में भी सफल हो जाती थी। जब गाँव वालो को लगातार ऐसी लड़कियों के द्वारा बाथरी के कारनामो का पता चला तो उन्होंने हंगरी के राजा से इसकी शिकायत करी। यह 1610 की बात है। फलस्वरूप हंगरी के राजा ने सत्य की जांच करने के लिए अपने लोगों का एक दल भेजा।

जब उसे गिरफ्तार किया गया था तब उसके महल से अनेक लड़िकयों की विकृत लाशे औऱ कुछ बेड़ियों से जकड़ी जिंदा लड़कियों को भी बरामद किया गया था।

Elizabeth Báthory

आज Elizabeth Báthory की मौत के 400 साल से अधिक हो चुके हैं। बाथरी के जीवन पर कई किताबें लिखी जा चुकी हैं और कुछ फ़िल्में भी बन चुकी हैं। ये भी बताया जाता है कि आयरलैंड के

उपन्यासकार ब्राम स्टोकर ने बाथरी के विषय से ही प्रेरित होकर 1897 में ड्रैकुला उपन्यास लिखा था।

एलिजाबेथ लड़कियों और औरतों को मारने से पहले उन पर काफी जुल्‍म ढाती थी। बर्बरता से उनकी पिटाई की जाती थी, उनके हाथों को जला या काट दिया जाता था। कई बार वह लड़कियों के चेहरे या शरीर के दूसरे अंगों का मांस दांतों से काटकर निकाल लेती थी। 1610 में हंगरी के राजा के पास इस बात की जानकारी पहुंची तो उन्‍होंने जांच के लिए अपने लोग भेजे। इसके बाद इस साल दिसंबर में एलिजाबेथ को उसके तीन नौकरों के साथ अरेस्‍ट कर लिया गया। हालांकि, रसूख की वजह से एलिजाबेथ को सजा नहीं दी गई, लेकिन महल में उसे कैद कर दिया गया। चार साल बाद 21 अगस्‍त 1614 को उसकी मौत हो गई।

चास्चिस शहर के पुराने लोग बाथरी के इतिहास से सख्त नफरत करते हैं और वर्तमान पीढ़ी को उसके बारे में जानने की ज्‍यादा दिलचस्‍पी नहीं है। हाल में ही शहर के चौराहे पर जब बाथरी की मूर्ति लगाई गई थी तो उसका काफी विरोध हुआ था।

November 3, 2017 0 comment
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The Coalition Years

औरंगजेब, अन्य मुगलों तथा मुस्लिम हमलावरों ने भारत में हिन्दुओं का नरसंहार किया, हिन्दू महिलाओं के साथ बलात्कार किया, मंदिर तोड़े, धर्म का नाश किया ये सब इतिहास की बातें हैं। आज के दौर में भी हिंदुओं के देश में ही इनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता है। कम से कम कांग्रेस की सरकारों ने तो यही कुछ किया है इस देश में। यूपीए की सरकार के दौरान ऐसे कई काम किए गए जो सहिष्णु हिंदुओं को आतंकवादी और बलात्कारी बताने की कोशिश की तक की गई ।पूर्व राष्ट्रपति Pranab Mukherjee की किताब “The Coalition Years” के अनुसार देश में अब तक की कांग्रेस की सरकारों ने हिन्दू विरोधी कार्य ही किये है।

सबसे खास यह कि इन कुत्सित कोशिशों की नायिका रहीं हैं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी। इस बात का खुलासा पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की किताब “The Coalition Years” में भी हुआ है कि सोनिया गांधी के अध्यक्ष रहते कांग्रेस की नीतियां हिंदू विरोधी रही हैं।

प्रणब-दा ने अपनी  इस किताब में बहुत बड़ा खुलासा किया है कि किस तरह Sonia Gandhi के नेतृत्व में हिंदुओं को टारगेट कर फंसाया गया है। हालांकि प्रणब दा ने सोनिया गांधी पर सीधा निशाना नहीं साधा है, लेकिन कांग्रेस की नीतियों का तो कच्चा चिट्ठा ज़रूर खोल दिया है। नवंबर 2004 में कांग्रेस के सत्ता में आने के कुछ महीनों के भीतर ही दिवाली के मौके पर शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को हत्या के एक केस में गिरफ्तार करवाया गया था। जिस वक्त गिरफ्तारी की गई थी, तब वह 2500 साल से चली आ रही त्रिकाल पूजा की तैयारी कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन पर अश्लील सीडी देखने और छेड़खानी जैसे घिनौने आरोप भी लगाए गए थे। दरअसल प्रणब मुखर्जी ने अपनी किताब ‘द कोएलिशन इयर्स 1996-2012’ में इस घटना का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि “मैं इस गिरफ्तारी से बहुत नाराज था और कैबिनेट की बैठक में मैंने इस मसले को उठाया भी था। मैंने सवाल पूछा कि क्या देश में धर्मनिरपेक्षता का पैमाना सिर्फ़ हिंदू संत-महात्माओं तक ही सीमित है? क्या किसी राज्य की पुलिस किसी मुस्लिम मौलवी को ईद के मौके पर गिरफ्तार करने की हिम्मत दिखा सकती है?” ।

पूर्व राष्ट्रपति Pranab Mukherjee की किताब ने इस देश के आगे एक बड़े सवाल को फिर से खड़ा कर दिया है। सवाल ये कि कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरफ्तारी और उन पर लगाए गए बेहूदे आरोपों के पीछे कौन था? अब तक मोटे तौर पर यह माना जाता रहा है कि कांची पीठ के शंकराचार्य को झूठे मामले में फंसाकर गिरफ्तार करवाने की पूरी साजिश उस वक्त मुख्यमंत्री रहीं जयललिता ने अपनी सहेली शशिकला के इशारे पर रची थी। उस वक्त इस सारी घटना के पीछे किसी जमीन सौदे को लेकर हुआ विवाद बताया गया था, लेकिन अब प्रणब दा के खुलासे से साफ हो गया है गिरफ्तारी सिर्फ़ जयललिता की मर्जी से नहीं, बल्कि सोनिया गांधी के इशारे पर हुई थी। दरअसल ये वह दौर था जब सोनिया और जयललिता के बीच काफी करीबियां थीं।

माना जा रहा है कि ये प्रणब मुखर्जी के दबाव का ही नतीजा था कि बाद में मनमोहन सिंह ने इस मामले में जयललिता को चिट्ठी लिखकर चिंता जताई थी, लेकिन तब की सुप्रीम नेता सोनिया गांधी इस मसले पर चुप्पी साधे रहीं। अपनी किताब में प्रणब मुखर्जी इस मसले को छूकर निकल गए हैं, लेकिन तब तक इसने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। एक न एक दिन यह सच्चाई सामने आएगी कि हिंदुओं के सबसे बड़े धर्म गुरु को गिरफ्तार करके उन्हें अपमानित करने की साजिश के पीछे असली गुनहगार कौन था। दरअसल सोनिया गांधी का एकमात्र एजेंडा भारत में ईसाई धर्म को फैलाना रहा है।

हिंदू के साथ आतंकवाद शब्द कभी इस्तेमाल नहीं होता था। मालेगांव और समझौता ट्रेन धमाकों के बाद कांग्रेस सरकारों ने बहुत गहरी साजिश के तहत हिंदू संगठनों को इस धमाके में लपेटा और यह जताया कि देश में हिंदू आतंकवाद का खतरा मंडरा रहा है। जबकि कभी भी ऐसा कुछ था ही नहीं। जिन बेगुनाहों हिंदुओं को गिरफ्तार किया गया वह इतने सालों तक जेल में रहने के बाद बेकसूर साबित हो रहे हैं। दरअसल मुंबई हमले के बाद कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने इसके पीछे हिंदू संगठनों की साजिश का दावा किया था, लेकिन इसके पीछे दिमाग सोनिया गांधी और अहमद पटेल का माना जा रहा है। दिग्विजय के इस बयान का पाकिस्तान ने खूब इस्तेमाल किया और आज भी जब इस हमले का जिक्र होता है तो पाकिस्तानी सरकार दिग्विजय के हवाले से यही साबित करती है कि हमले के पीछे आरएएस का हाथ है। दिग्विजय के इस बयान पर उनके खिलाफ कांग्रेस ने कभी कोई कार्यवाही या खंडन तक नहीं किया।

2014 में करारी हार मिलने के बाद कांग्रेस के भीतर हुवे मंथन में यह बात निकलकर आई कि कांग्रेस की छवि हिंदू विरोध की है। कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता ए के एंटनी ने भी पहली बार स्वीकार किया था कि पार्टी को हिंदू विरोधी छवि के चलते नुकसान हुआ है। तब ये बात भी सामने आई थी कि हर मुद्दे पर कांग्रेस जिस तरह से तुष्टिकरण की लाइन लेती है, वह बात अब आम जनता भी महसूस करने लगी है। बहुसंख्यक हिंदू समझ चुके हैं कि कांग्रेस सिर्फ़ और सिर्फ़ और सिर्फ़ मुसलमानों के लिए सोचती है। इसी के चलते बचे-खुचे हिंदू मतदाताओं ने भी कांग्रेस से मुंह मोड़ना शुरू कर दिया है। Sonia Gandhi Or Rahul Gandhi ने फिर भी इस कड़वी सच्चाई से मुंह मोड़े रखा। परिणाम देश के सामने है, कांग्रेस का अस्तित्व मिटता जा रहा है।

उपरोक्त तथ्य  ” The Coalition Years ”  के कुछ अंशो का निष्कर्ष  मात्र है । हमारा किसी भी दल या संगठन से कोई लेना देना नहीं है ।  व्यक्तिगतरूप से हम किसी भी किसी भी दल या संगठन का समर्थन या विरोध  नहीं करते है ।

October 30, 2017 0 comment
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Aadhar

सरकार सि‍म को Aadhar से लिंक करने के प्रोसेस कोऔर अधिक आसान बनाने जा रही है। आधि‍कारि‍क सूत्रों के मुताबि‍क, सि‍म के री-वैरि‍फि‍केशन की प्रोसेस को आसान बनाया जा रहा है। इसमें यूजर के घर जाकर Verification और वन टाइम पासवर्ड से वैरि‍फि‍केशन शामि‍ल है। इससे टेलीकॉम कंपनि‍यों का काम भी आसान हो जाएगा तथा आम जनता की भी सुविधा होगी। सुप्रीम कोर्ट के नि‍र्देशों के मुताबि‍क, हर सि‍म को आधार से दोबारा वैरि‍फाई करना ज़रूरी है।

सूत्रों के मुताबि‍क, टेलीकॉम ऑपरेर्ट्स से कहा गया है कि‍ वह यूजर को उसके घर जाकर Verification का ऑप्‍शन दें। इससे ऐसे लोगों को फायदा होगा जो कि‍सी बीमारी या उम्र दराज होने की वजह से स्‍टोर तक जाने में सक्षम नहीं हैं, मोबाइल कंपनि‍यों से कहा गया है कि‍ वह वेबसाइट व अन्‍य माध्‍यमों से यूजर को यह सुवि‍धा दें कि‍ वह घर पर वैरि‍फि‍केशन के लि‍ए रि‍क्‍वेस्‍ट कर सकें।

इसके अलावा वन टाइम पासवर्ड व आईवीआरएस से वैरि‍फि‍केशन करने की सुवि‍धा भी शुरू करने के आदेश दिए गए । सूत्रों के मुताबिक कि‍ अगर Aadhar Card के डाटा बेस में कोई मोबाइल नंबर दर्ज है तो उसके Re-Verification के लि‍ए ओटीपी का यूज कि‍या जा सकता है। यदि यूजर ने कोई और नंबर भी लि‍या है तो उसका भी Re-Verification हो जाएगा।

अभी आधार के डाटाबेस में करीब 50 करोड़ Mobile Number रजि‍स्‍टर्ड हैं। इनका Re-Verification ओटीपी या वीआरएस के जरि‍ए हो सकेगा। एजेंट से वैरि‍फि‍केशन करवाने व नया नंबर देने के मामले में सरकार ने टेलीकॉम कंपनि‍यों को नि‍र्देश दि‍या है कि कि‍सी भी ग्राहक की पूरी ई–केवाईसी डि‍टेल किसी भी एजेंट को दिखना नहीं चाहिए । ऐसा इसलि‍ए कि‍या जा रहा ताकि‍ ग्राहक की निजता भी बनी रहे और उसकी डि‍टेल का कोई दुरपयोग न कर पाए | एजेंट के कंप्‍यूटर या डि‍वाइस में ग्राहक का डेटा स्‍टोर नहीं किया जाएगा।

एजेंट के कंप्‍यूटर या डि‍वाइस में ग्राहक का डेटा स्‍टोर नहीं किया जाएगा। मौजूदा व्यवस्था में एजेंट ग्राहक की तस्‍वीर और उसकी पूरी ई-केवाईसी डाटा देख सकता है। जो की ग्राहक के लिए हानिकारक है।

Aadhar

आपकी सिम आधार से लिंक है या नहीं ( link mobile number to Aadhar )

आपकी सिम आधार से लिंक है या नहीं है यह  जानने का बहुत ही आसान तरीका है आपको

https://uidai.gov.in/

पर जाना होगा तथा  Verify Email/Mobile Number ?   पर  क्लिक करना  होगा

अपना आधार नम्बर और  मोबाइल नम्बर तथा अन्य जानकारी डालने के बाद  गेट वन  टाइम पासवर्ड पर क्लिक करें यदि आपका मोबाइल नम्बर  आधार से लिंक नहीं होगा तो आपके मोबाइल पर  वन  टाइम पासवर्ड आ जायेगा जिसको

https://resident.uidai.gov.in/verify-email-mobile

इसी साइट में इण्टर ओ.टी.पी. में डालते है तो आपका मोबाइल नम्बर आधार से लिक हो जायेगा यदि पहले से लिंक हो चूका तो दर्शायेगा  की आपका मोबाइल नम्बर आधार से लिंक  हो चूका है  ।

October 26, 2017 0 comment
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