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आधी रात बज गया GST का सायरन

written by Aniket Gujrathi June 30, 2017

GST को हम आसान भाषा मे बोले तो अर्थ होगा वस्तु एंव सेवा कर | GST एक अप्रत्यक्ष कर हैं जो वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाएगा जिसकी दर पूर्व मे ही निर्धारि कर दी गई है | जीएसटी 1 जुलाई रात 12. 00 बजे से लागू होने वाला है GST के बाद वर्तमान के अप्रत्यक्ष कर जैसे सर्विस टैक्स, वैट और एक्साइज ड्यूटी आदि नहीं लगेंगे| GST की साधारण दर करीब 18% हैं लेकिन दिन प्रतिदिन की आवश्यक वस्तुओ और सेवाओं पर यह दर 0%, 5% और 12% हैं जबकि विलासिता की वस्तुओं पर यह दर 28% तक हैं|

कोई भी वस्तु निर्माण से लेकर अंतिम उपभोग तक कई चरणों के माध्यम से गुजरती है | पहला चरण है कच्चे माल की खरीदना | दूसरा चरण उत्पादन या निर्माण होता है | फिर, सामग्रियों के भंडारण या वेर्हाउस में डालने की व्यवस्था है | इसके बाद, उत्पाद रीटैलर या फुटकर विक्रेता के पास आता है | और अंतिम चरण में, रिटेलर आपको या अंतिम उपभोक्ता को बेचता है l

भारत के साथ व्यापार संबंधों में मजबूती से उत्साहित अमेरिका ने कहा है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 109 अरब डॉलर तक पहुंच गया है और जीएसटी सहित अन्य नए सुधारों के चलते यह आगे और बढ़ेगा. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के प्रमुखों ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने से मध्यम अवधि में देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी. बहुपक्षीय संगठन ने यह भी कहा है कि भारत ने सुधारों के मोर्चे पर प्रगति दिखायी है और इससे व्यापार निवेश में उल्लेखनीय और अच्छा सुधार हो सकता है |

जीएसटी लागू होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर केवल तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे। पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी, जो केंद्र सरकार वसूलेगी। दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी, जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी। कोई कारोबार अगर दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी वसूला जाएगा। इसे केंद्र सरकार वसूल करेगी और उसे दोनों राज्यों में समान अनुपात में बांट दिया जाएगा ल

ऐसा माना जा रहा है कि GST के आने से व्यवसाय करना आसान हो जाएगा लेकिन शुरूआती वर्षों में यह संभव नहीं हो पाएगा | इसी समय व्यवसायों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जैसा कि हम जानते है जीएसटी में प्रत्येक महीने में तीन अलग अलग तरह के रिटर्न फाइल करने पड़ेंगे। छोटी दुकानों पर भी खाता लिख ने वालो को रखेंना होगा |

इन चीजों पर टैक्‍स घटा-

:- इंसुलिन पर 12% से घटाकर 5%
:- स्‍कूल बैग्‍स पर 28% से घटाकर 18%
:- एक्‍सरसाइज बुक्‍स पर 18% से घटाकर 12%
:- कंप्‍यूटर प्रिंटर 28% से घटाकर 18%
:- अगरबत्‍ती पर 12% से घटाकर 5%
:- काजू पर 12% घटाकर 5%
:- डेंटल वैक्‍स पर 28% से घटाकर 8%
:- प्‍लास्टिक बेडस्‍ पर 28% से घटाकर 18%
:- कलरिंग बुक्‍स पर 12% से घटकर 0
:- प्री-कॉस्‍ट कंक्रीट पाइप्‍स पर 28% से घटाकर 18%
:- कल्‍टरी पर 18% से घटकर 12%
:- ट्रैक्‍टर कंपोनेंट्स पर 28% से घटाकर 18%

इन प्रोडक्ट्स पर 28% टैक्स के साथ सेस भी लगेगा-

:- पेट्रोल कार : 1200 सीसी से कम इंजन क्षमता – 1% सेस कुल टैक्स 29%।
:- डीजल कार : 1500 सीसी से कम इंजन क्षमता- 3% सेस कुल टैक्स 31%।
:- अन्य सभी कार और एसयूवी : 15% सेस, कुल टैक्स 43%।
:- मोटरसाइकिल : 350 सीसी से ज्यादा क्षमता वाली: 3% सेस, कुल टैक्स 31%।
:- प्राइवेट प्लेन और याच : 3% सेस, कुल टैक्स 31%।
:- कोल्ड ड्रिंक्स, लेमोनेड: 12% सेस, कुल टैक्स 40%।
:- बिना तंबाकू के पान मसाले: 60% सेस, कुल टैक्स 88%।
:- तंबाकू वाला गुटखा: 204% सेस. कुल टैक्स 232%।
:- अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स: 61-160% सेस, कुल टैक्स 89-188%

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